क्या भारत में गर्भपात कानूनी है?


भारत में गर्भपात (अबॉर्शन) का कानून
भारत में गर्भपात मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट और संशोधन अधिनियम 2021, MTP नियमों तथा 29.09.2022 को पारित ऐतिहासिक फैसले X बनाम प्रधान (4) सचिव एवं अन्य के अनुसार केवल 24 सप्ताह तक की अनुमति है। इस फैसले में सभी अविवाहित महिलाओं को राष्ट्रीयता और वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना 24 सप्ताह तक गर्भपात कराने का अधिकार दिया गया है।
भारत गर्भपात कानूनों के मामले में बहुत उदार देश है, जहाँ अजन्मे बच्चे से ज़्यादा माँ की पसंद को महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि बहुत से अंतरराष्ट्रीय मरीज़ दूसरे देशों के बजाय गर्भपात सेवाओं के लिए भारत को चुनते हैं। यहाँ महिला की पसंद का सम्मान किया जाता है, कोई डॉक्टर या क्लिनिक उसके फैसले पर सवाल नहीं उठाता और MTP एक्ट की धारा 5A के अनुसार उसकी निजता और गोपनीयता बनाए रखी जाती है। गर्भपात के लिए कोई अनिवार्य काउंसलिंग अवधि नहीं है और केवल महिला की सहमति ज़रूरी है। गर्भपात के लिए पति, जीवनसाथी, पार्टनर या माता-पिता की सहमति बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है।
क्या दुबई/विदेशी मरीज़ों के लिए भारत में 24 सप्ताह और उससे ऊपर का गर्भपात कानूनी है?
हा,भारतीय कानून और नियमों के अनुसार दुबई/विदेशी मरीज़ों के लिए भारत में गर्भपात कानूनी है। सभी विदेशी महिलाएँ, चाहे उनकी राष्ट्रीयता और वैवाहिक स्थिति कुछ भी हो, पार्टनर, पति या माता-पिता की सहमति के बिना भारत में गर्भपात करा सकती हैं।
क्या भारत में दुबई/विदेशी मरीज़ों की निजता और गोपनीयता सुरक्षित रहती है?
हाँ, MTP एक्ट की धारा 5A के अनुसार सभी विदेशी मरीज़ों की निजता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाती है। भारत के सभी अबॉर्शन हॉस्पिटल कानूनन सारी जानकारी निजी और गोपनीय रखने के लिए बाध्य हैं। इसके अलावा, टस्तावेज़ों में विदेशी मरीज़ का नाम छिपाया जाता है और सभी मरीज़ों के लिए केवल IPD नंबर बनाया जाता है। साथ ही, प्रक्रिया के दौरान कोई भी डॉक्टर या स्टाफ किसी तरह का जजमेंट नहीं करता।
दुबई/विदेशी मरीज़ों के लिए भारत में 24 सप्ताह और उससे ऊपर के गर्भपात की कानूनी आवश्यकताएं क्या हैं?
1. इं-मेडिकल वीज़ा: इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के अनुसार सक्शन और सेकंड ट्राइमेस्टर गर्भपात विधि के लिए ई-मेडिकल वीज़ा अनिवार्य है। ई-मेडिकल वीज़ा बनवाने के लिए संबंधित अस्पताल दवारा मेडिकल इन्विटेशन लेटर जारी किया जाना ज़रूरी है। मेडिकल एबॉर्शन (गर्भपात की गोलियों) के लिए ई-मेडिकल वीज़ा की आवश्यकता नहीं है।
2. आईडी प्रूफ: केवल मरीज़ के पासपोर्ट की कॉपी चाहिए।
3. सहमति: केवल मरीज़ की सहमति चाहिए। पार्टनर, पति या माता-पिता की सहमति की कोई आवश्यकता नहीं है।
भारत में कानूनी रुप से गर्भपात कौन करा सकता है?
- अविवाहित/सिंगल महिलाएँ
- विवाहित महिलाएँ
- विधवा
- तलाकशुदा
- परित्यक्ता
- अलग रह रही महिलाएँ
- ल्रिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाएँ
- वैवाहिक विवाद और घरेलू हिंसा झेल रही महिलाएँ बलात्कार पीड़िताएाँ
- नाबार्लग
- शारीररक रूप से हिवयांग महहलाएाँ
- कम बौद्धधक िमता वाली महहलाएाँ
- वविेशी नागररक और प्रवासी (एक्सपैट्स)
गर्भपात के कानूनी आधार (संकेत) क्या हैं?
- वयस्कः 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की कोई भी मरीज़।
- अनचाहा गर्भः गर्भनिरोधक साधन के विफल होने के कारण अनियोजित या अनचाहा गर्भ।
- जन्मजात विकृतिः जन्मजात विकृति वाले aor का गर्भपात किसी भी पंजीकृत अबॉर्शन
- हॉस्पिटल में 24 सप्ताह तक कराया जा सकता है, और 24 सप्ताह के बाद कोर्ट की पूर्व अनुमति से।
- दिव्यांगताः मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग महिलाएँ 24 सप्ताह तक गर्भपात करा सकती हैं।
- माँ की जान को खतरा: यदि माँ की जान को खतरा हो, तो गर्भावस्था के किसी भी सप्ताह में गर्भपात की अनुमति है।
- अन्यः अविवाहित, विवाहित महिलाएँ, तलाकशुदा, विधवा, अलग रह रही और परित्यक्ता महिलाएँ, बलात्कार पीड़िताएँ और नाबालिग।
गर्भपात के कानूनी औपचारिकताएँ
मरीज़ का आधार काई या पासपोर्ट की कॉपी (आईडी प्रूफ)।
° उअन्ट्रासाउंड और आवश्यक लैब जाँचें।
° केवल मरीज़ की सहमति ज़रूरी है।
° पति, पार्टनर या माता-पिता की सहमति की आवश्यकता नहीं।
° विदेशी मरीज़ों के लिए ई-मेडिकल वीज़ा आवश्यक है। यह भारत सरकार के FRRO विभाग से, इलाज करने वाले अबॉर्शन हॉस्पिटल दवारा मेडिकल इन्विटेशन लेटर जारी करने के बाद ही मिलता है।
24 सप्ताह के बाद गर्भपात किन विशेष श्रेणियों और परिस्थितियों में अनुमत है?
– 24 सप्ताह के बाद गर्भपात केवल कुछ निश्चित श्रेणियों और विशेष परिस्थितियों में ही अनुमत है, जैसे:
– MTP एक्ट की धारा 28 के तहत गंभीर जन्मजात विकृतियाँ, जैसे डाउन सिंड्रोम, अर्नोल्ड-चियारी मैलफॉर्मेशन, डैंडी-वॉकर मैलफॉर्मेशन, अंगों का न होना, प्रमुख अंगों का न होना, एनेन्सेफली आदि (सूची में और जोड़ा जाना शेष)।
– नाबालिग: सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले X बनाम भारत संघ के अनुसार नाबालिग पूरी गर्भावस्था अवघि के दौरान गर्भपात करा सकती हैं।
– बलात्कार पीड़िताएँ, कोर्ट की अनुमति से।
– MTP एक्ट की धारा 5 के तहत माँ की जान को खतरा।
– यह केवल सरकारी अस्पताल में, कोर्ट की अनुमति और मेडिकल बोई की मंजूरी के बाद ही किया जा सकता है। चूँकि 24 सप्ताह के बाद भूण के फेफड़े काम करने लगते हैं और भूण गर्भ के बाहर स्वतंत्र रूप से जीवित रह सकता है, इसलिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अगस्त 2017 के दिशानिर्देशों और कोर्ट की अनुमति के अनुसार भूण की धड़कन रोकनी पड़ती है। जानकारी और जागरूकता की कमी के कारण मरीज़ झोलाछाप, अपंजीकृत चिकित्सकों और अनियमित किलिनिकों के पास पहुँच जाती हैं, जिससे जानलेवा चिकित्सकीय जटिलताएँ और मातृ मृत्यु होती हैं। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की स्टेट ऑफ द वल्ड पॉपुलेशन रिपोर्ट 2022 के अनुसार भारत में सुरक्षित गर्भपात की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि “भारत में असुरक्षित गर्भपात के कारण हर दिन आठ महिलाओं की मृत्यु होती है।”
क्या 24 सप्ताह और उससे ऊपर के गर्भपात के लिए अबॉर्शन पिल्स/MTP पिल्स घर पर ली जा सकती हैं?
° बिल्कुल नहीं। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल और MTP एक्ट, 1971 (1) के पूरी तरह विरुद्ध है, क्योंकि मेडिकल पिल्स केवल 9 सप्ताह तक, सरकार दवारा मान्यता प्राप्त पंजीकृत सुविधा में, योग्य और प्रमाणित डॉक्टर दवारा ही दी जा सकती हैं। 24 सप्ताह या उससे ऊपर अबॉर्शन पिल्स खुद लेने पर क्या होता है? 24 सप्ताह या उससे ऊपर गर्भ समाप्त करने के लिए मेडिकल पिल्स लेने से गंभीर और जानलेवा जटिलताएँ हो सकती हैं, जैसे:
° गंभीर जानलेवा रक्तस्राव (हेमरेज)
° हेमरेजिक शॉक
– सेप्सिस (संक्रमण)
° पेल्विक इन्फ्लेमेटरी डिजीज (PID)
° स्थायी बांझपन
+ कुछ मामलों में मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है
डॉ. रुपाली अबॉर्शन हॉस्पिटल 24 सप्ताह और उससे ऊपर के एडवांस्ड प्रेग्नेंसी केस में भारत में गर्भपात कराने में कैसे मदद करता है?
अस्पताल के पास वकीलों की समर्पित लीगल टीम है, जो 24 सप्ताह और उससे ऊपर के गर्भपात के लिए दिल्ली हाई कोर्ट या भारत के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करती है। मरीज़ और उसके परिवार को कोर्ट जाने की ज़रूरत नहीं होती। कोर्ट की अनुमति या आदेश एक सप्ताह के भीतर मिल जाता है। उचित मेडिकल जाँच और कानूनी कार्यवाही के बाद कोर्ट की अनुमति ली जाती है, फिर गर्भपात किसी भी सरकारी अस्पताल में किया जा सकता है।
24 सप्ताह और उससे ऊपर के गर्भपात के लिए डॉ. रुपाली अबॉर्शन हॉस्पिटल/क्लिनिक ही क्यों चुनें?
– गर्भपात मामलों में विशेषज्ञता रखने वाले वकीलों की समर्पित लीगल टीम।
– गर्भपात से जुड़े सभी हालिया ऐतिहासिक फैसले डॉ. रुपाली अबॉर्शन हॉस्पिटल से जुड़े हैं।
– सबसे उल्लेखनीय ऐतिहासिक फैसला X बनाम प्रधान सचिव एवं अन्य, जो 29.09.2022 को सुप्रीम कोर्ट ने पारित किया, डॉ. रुपाली मिश्रा और उनकी लीगल टीम का है, “जिसमें अविवाहित लड़कियों को राष्ट्रीयता और वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना 24 सप्ताह तक गर्भपात की अनुमति दी गई।”
– एक और ऐतिहासिक फैसला S बनाम भारत संघ एवं अन्य, SLP संख्या 14454, जो 24.04.2026 को सुप्रीम कोर्ट ने पारित किया, डॉ. रुपाली मिश्रा और उनकी लीगल टीमका है, “जिसमें कोई भी नाबालिग लड़की माता-पिता की सहमति से गर्भावस्था के किसी भी समय गर्भपात करा सकती है।”
इसलिए यदि आप 24 सप्ताह या उससे ऊपर के गर्भपात की तलाश में हैं, तो डॉ. रुपाली अ्बॉर्शन हॉस्पिटल/क्लिनिक से 91-8800905928 या 91-9911775222 पर संपर्क करें।
भारत में डॉ. रुपाली अबॉर्शन क्लिनिक/सेंटर चुनने के 15 ठोस कारण
- भारतीय कानून का पूर्ण पालन: मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेसी (MTP) एक्ट, 1971, प्री-कन्सेपशन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (PCPNDT) एक्ट, 1994, इमिग्रेशन एंड फोरैनर्स एक्ट 2025 और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अनुरूप सरकार से मान्यता प्राप्त।
- दुनिया का एकमात्र महिला-केंद्रित अबॉर्शन हॉस्पिटल: सभी डॉक्टर और स्टाफ महिलाएँ हैं, ताकि मरीज़ अधिक सहज और आरामदायक महसूस करें।
- उसी दिन प्रक्रिया और डिस्चार्ज: त्वरित अपॉइंटमेंट, ज़ीरो वेटिंग टाइम, 15 मिनट की प्रक्रिया और उसी दिन छुट्टी।
- सुरक्षा सर्वोपरि: राष्ट्रीयता और वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना सभी महिलाओं के ल्लिए सुरक्षित और कानूनी गर्भपात देखभाल।
- निजता और गोपनीयता बरकरार: सभी मरीज़ों की निजता पूरी तरह सुरक्षित रहती है और दी गई सारी जानकारी हमेशा अत्यंत गोपनीय रहती है और केवल अस्पताल तक सीमित रहती है।
- सुनिश्चित प्रक्रिया: गर्भपात पूरा होने की पुष्टि के लिए फॉलो-अप अल्ट्रासाउंड स्कैन।
- 24×7 और 365 दिन खुला: 91-9911775222 पर एक WhatsApp संदेश भेजकर किसी भी समय, 2427 और 365 दिन अपॉइंटमेंट बुक करें।
- डॉक्टर से निजी वीडियो परामर्शः नई दिल्ली, भारत आने से पहले अनुरोध पर महिला डॉक्टर के साथ निजी और गोपनीय वीडियो परामर्श की व्यवस्था भी की जा सकती है।
- सभी सुविधाएँ एक छत के नीचे: डॉक्टर परामर्श, अल्ट्रासाउंड स्कैन, लैब जाँचे, सुरक्षित मेडिकल प्रक्रिया और फॉलो-अप, सब कुछ एक ही जगह, अधिक सुविधा के साथ।
- चौबीसों घंटे सुरक्षित पिक-अप और ड्रॉप: नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 24 घंटे पिक-अप और ड्रॉप सुविधा उपलब्ध।
- आरामः आराम, सुविधा और विश्राम के लिए 55 इंच LCD और वाई-फाई कनेक्टिविटी वाला प्राइवेट लक्ज़री सुइट, साथ में शुद्ध, ताज़ा शाकाहारी भारतीय भोजन।
- बिना जजमेंट का माहौल: केवल मरीज़ की सहमति और आईडी प्रूफ चाहिए, और कुछ नहीं, ताकि माहौल पूरी तरह जजमेंट-मुक्त रहे। कानून बदलने वाले: अविवाहित महिलाओं को भारत में 24 सप्ताह तक गर्भपात का अधिकार देने वाले सुप्रीम कोर्ट के 29.09.2022 के ऐतिहासिक फैसले X बनाम प्रधान सचिव एवं अन्य के पीछे।
- दुनिया भर में सेवा: 2010 से अब तक 50 से अधिक देशों के 1000+ अंतरराष्ट्रीय मरीजों की सुरक्षित और सफल सेवा।
- सर्वश्रेष्ठ रेटिंग और रिव्यू: 10,000″ प्रक्रियाएँ | 4.9% गूगल रेटिंग | 6,000+ गूगल रिव्यू
डॉ. रुपाली अबॉर्शन क्लिनिक/सेंटर: दिल्ली \NCR/भारत में सुरक्षित, कानूनी और गोपनीय अबॉर्शन कि्लिनिक/सेंटर
यदि कोई दिल्ली NCR A सुरक्षित, कानूनी और गोपनीय गर्भपात की तलाश में है, तो डॉ. रुपाली अबॉर्शन क्लिनिक/सेंटर एक पसंदीदा विकल्प है। इस क्लिनिक ने UAE, दुबई, अबू धाबी, दोहा, शारजाह, ओमान, क़्तर, कुवैत, बहरीन, सऊदी अरब, यमन, जॉईन, ईरान, मालदीव, फिलीपींस, श्रीलंका, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, USA, न्यूज़ीलैंड, मिस्र, जर्मनी, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड, स्पेन, चेक गणराज्य, साइप्रस, उत्तर कोरिया, जापान, मॉरीशस, मलेशिया, नेपाल, भूटान, म्यांमार जैसे 50 से अधिक देशों के हज़ारों मरीजों की सुरक्षित और सफल सेवा की है।
डॉ. रुपाली मिश्रा और डॉ. अमित मिश्रा (एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया) के नेतृत्व वाली उनकी लीगल टीम की कानूनी उपलब्धियाँ
गर्व के साथ कहा जाता है कि डॉ. रुपाली मिश्रा और उनकी लीगल टीम सुप्रीम कोर्ट के 29.09.2022 के ऐतिहासिक फैसले X-बनाम प्रधान सचिव एवं अन्य के पीछे है, “जिसके तहत भारत में 24 सप्ताह तक गर्भपात सभी अविवाहित महिलाओं का मौलिक अधिकार बन गया है।”
डॉ. रुपाली अबॉर्शन सेंटर, नई दिल्ली, भारत में अपॉइंटमेंट के आसान स्टेप
स्टेप 1: अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए WhatsApp नंबर 91-8800905938, 91-9911775222 पर कॉल या मैसेज करें। अनुरोध पर महिला डॉक्टर के साथ प्राइवेट वीडियो परामर्श उपलब्ध है।
स्टेप 2: अपनी गर्भावस्था की जानकारी साझा करें, जैसे गर्भावस्था के सप्ताह, आखिरी माहवारी की तारीख (LMP) और अल्ट्रासाउंड स्कैन, यदि हुआ हो।
स्टेप 3: अपॉइंटमेंट 30 मिनट के भीतर कन्फर्म हो जाता है।
स्टेप 4: सक्शन विधि (4 से 12 सप्ताह) या सेकंड ट्राइमेस्टर विधि (12 से 24 सप्ताह) के लिए ई-मेडिकल वीज़ा डॉ. रुपाली अबॉर्शन हॉस्पिटल की समर्पित टीम के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।
स्टेप 5: फ्लाइट टिकट बुक करें और नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, भारत पहुँचे। बाकी सब डॉ. रुपाली अबॉर्शन हॉस्पिटल की समर्पित टीम संभाल लेगी।
आसान अपॉइंटमेंट के हेल्पलाइन नंबर, 24X7 और 365 दिन
डॉ. रुपाली अबॉर्शन सेंटर की समर्पित टीम विदेशी नागरिकों और प्रवासियों सहित सभी मरीज़ों के लिए 24X7 और 365 दिन काम करती है। संपर्क करें, WhatsApp नंबर: 91- 8800905938, 91-9911775222
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ):
हाँ , में गर्भपात 24 सप्ताह तक कानूनी है और MTP एक्ट A बताए गए कुछ विशेष
मामलों में 24 सप्ताह के बाद भी अनुमत है।
24 सप्ताह के बाद गर्भपात के प्रमुख कारण MTP एक्ट की धारा 28 के तहत गंभीर
जन्मजात विकृतियाँ हैं, जैसे डाउन सिंड्रोम, अर्नोल्ड-चियारी मैलफॉर्मेशन, डैंडी-वॉकर मैलफॉर्मेशन,
अंगों का न होना, प्रमुख अंगों का न होना, एनेन्सेफली। इसके अलावा नाबालिग, बलात्कार
पीड़िताएँ और MTP एक्ट की धारा 5 के तहत माँ की जान को खतरा।
24 सप्ताह तक का गर्भपात किसी भी सरकार दवारा मान्यता प्राप्त पंजीकृत सुविधा में कराया
जा सकता है, और 24 सप्ताह के बाद का गर्भपात कोर्ट की अनुमति/आदेश के बाद किसी भी
सरकारी अस्पताल में। डॉ. रुपाली अबॉर्शन हॉस्पिटल कोर्ट की अनुमति/आदेश प्राप्त करने में
कानूनी सहायता प्रदान करता है।
मदद करता है?
मरीज़ की पूरी जॉच के बाद डॉ. रुपाली अबॉर्शन हॉस्पिटल की समर्पित लीगल टीम सरकारी
अस्पताल में गर्भपात के लिए कोर्ट के आदेश/अनुमति प्राप्त करने में कानूनी सहायता देती है।
हाँ, यदि गर्भपात सरकार दवारा मान्यता प्राप्त पंजीकृत अबॉर्शन सुविधा A योग्य डॉक्टरों की
टीम दवारा किया जाए तो 24 सप्ताह पर गर्भपात पूरी तरह सुरक्षित है।
हाँ, MTP एक्ट, 1971 की धारा 3, संशोधन अधिनियम 2021, नियम 38 और सुप्रीम कोर्ट के
हाल्रिया ऐतिहासिक फैसले X बनाम प्रधान सचिव के अनुसार 24 सप्ताह पर गर्भपात पूरी तरह
कानूनी है।
भ्रूण के बाहर निकलते समय थोड़ा दर्द हो सकता है।
उपस्थिति ज़रूरी है?
नही, मरीज़ और उसके परिवार की उपस्थिति आवश्यक नहीं है।
स्रोत और संदर्भ;
[1] मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971: https:/www.scobserver.in/wp-content/uploads/2020/11/The-Medical-Termination-of-Pregnancy-Act-1971.pdf
[2] मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (संशोधन) एक्ट, 2021: https://prsindia.org/files/bills_acts/acts_parliament/2021/Medical%20Termination%2 Oof%20Pregnancy%20Amendment%20Act%202021 .pdf
[3] इमिग्रेशन एंड फोरैनर्स एक्ट 2025: : https://prsindia.org/billtrack/the-immigrationandforeigners-bill-2025
[4] X बनाम प्रिंसिपल सेक्रेटरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया, 29 सितंबर 2022: 2022: https://drive.google.com/file/d/1pnpqo_bZWqreFNYJ0AF4nknLGWwtHiWa/view?usp=drive_link