मेडिकल अबॉर्शन पिल्स / मिफेप्रिस्टोन / मिसोप्रोस्टोल दिल्ली एनसीआर, भारत में: कानूनी स्थिति जानें


भारत में गर्भपात का कानून
भारत में, चिकित्सकीय गर्भ समापन (एमटीपी) अधिनियम, 1971 [1], नए संशोधित अधिनियम 2021 [2] तथा भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 29.09.2022 को पारित हालिया ऐतिहासिक निर्णय एक्स बनाम प्रधान सचिव [3] एवं अन्य के अनुसार 24 सप्ताह तक गर्भपात की अनुमति है, जिसमें 24 सप्ताह तक का गर्भपात भारत की सभी अविवाहित महिलाओं का मौलिक अधिकार बन गया है।
मेडिकल अबॉर्शन पिल्स (मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल) को दिल्ली एनसीआर, भारत में बहुत से मरीज़ पसंद करते हैं, क्योंकि यह बिना चीर-फाड़ वाली (नॉन-इनवेसिव) और लेने में आसान विधि है, इसमें कम समय लगता है, मरीज़ के लिए सहयोग करना सरल होता है तथा इसमें सर्जिकल प्रक्रिया और एनेस्थीसिया का डर या घबराहट भी नहीं रहती। यह ब्लॉग विशेष रूप से उन मरीज़ों के लिए उपयोगी है जो दिल्ली एनसीआर, भारत में अबॉर्शन पिल्स की जानकारी खोज रहे हैं।
मेडिकल अबॉर्शन क्या है [4 से 9 सप्ताह]?
मेडिकल अबॉर्शन 9 सप्ताह तक की गर्भावस्था का बिना सर्जरी के समापन है। एमटीपी अधिनियम के अनुसार, ये गोलियाँ केवल पंजीकृत अबॉर्शन अस्पताल में योग्य स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) से, अल्ट्रासाउंड स्कैन, सभी आवश्यक लैब जाँचों और लिखित सहमति के बाद ही ली जा सकती हैं। सितंबर 2021 में किए गए नए संशोधन के अनुसार, मेडिकल पिल्स 9 सप्ताह तक दी जा सकती हैं।
मेडिकल अबॉर्शन या पिल्स कैसे काम करती हैं?
मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल, इन दो गोलियों का संयोजन शुरुआती गर्भावस्था में गर्भपात के लिए दिया जाता है।
- यह भ्रूण की वृद्धि को रोकती है, जिससे गर्भाशय सिकुड़ता है और भ्रूण बाहर निकल जाता है।
- इस प्रक्रिया के पूरा होने में दो से तीन सप्ताह लगते हैं।
मेडिकल पिल्स के फायदे और नुकसान
फायदे:
- लेने में आसान
- बिना चीर-फाड़ वाली (नॉन-इनवेसिव)
- तुलनात्मक रूप से सस्ती
नुकसान:
- बहुत दर्दनाक हो सकती है
- अधिक रक्तस्राव की संभावना
- आरपीओसी (गर्भ के अवशेष रह जाना) और अधूरा गर्भपात
- 9 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था में नहीं दी जा सकती
दिल्ली एनसीआर, भारत में अबॉर्शन पिल्स की दो कानूनी आवश्यकताएँ क्या हैं?
- पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) – केवल मरीज़ का पहचान पत्र आधार कार्ड आवश्यक है।
- सहमति – केवल मरीज़ की सहमति आवश्यक है; पार्टनर, पति या माता-पिता की सहमति की आवश्यकता नहीं है।
अबॉर्शन पिल्स के लिए तैयारी
- केवल मरीज़ का पहचान पत्र आधार कार्ड आवश्यक है।
- अल्ट्रासाउंड स्कैन रिपोर्ट, यदि उपलब्ध हो।
भारत में अबॉर्शन पिल्स विधि में लगने वाला समय
पूरी प्रक्रिया पूरी होने में 1 से 2 घंटे लगते हैं। मरीज़ उसी दिन वापस जा सकती है।
दिल्ली एनसीआर, भारत में अबॉर्शन पिल्स का खर्च
भारत में मेडिकल अबॉर्शन का खर्च लगभग ₹4,000 से ₹15,000 है। अंतिम खर्च गर्भावस्था की अवधि, परामर्श, अल्ट्रासाउंड, डायग्नोस्टिक जाँचों, दवाओं, मरीज़ की राष्ट्रीयता और फॉलो-अप देखभाल पर निर्भर करता है।
क्या दिल्ली एनसीआर, भारत में झोलाछाप डॉक्टरों / स्थानीय मेडिकल शॉप / बिचौलियों / दलालों से अबॉर्शन पिल्स ली जा सकती हैं?
नहीं, बिल्कुल नहीं। अबॉर्शन पिल्स (मिफेप्रिस्टोन और मिसोप्रोस्टोल) झोलाछाप डॉक्टरों / स्थानीय मेडिकल शॉप से नहीं ली जा सकतीं, क्योंकि भारत में यह प्रतिबंधित और दंडनीय है, इसके अलावा इससे जानलेवा चिकित्सकीय जटिलताएँ और खतरे भी पैदा होते हैं। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:
- अत्यधिक रक्तस्राव (हेमरेज): जानलेवा रक्तस्राव या हेमरेज।
- अनडायग्नोस्ड एक्टोपिक प्रेग्नेंसी (जिसका पता न चला हो): पकड़ में न आई एक्टोपिक प्रेग्नेंसी इलाज में देरी के कारण फट सकती है, जिससे हाइपोवोलेमिक शॉक हो सकता है और मरीज़ की मृत्यु भी हो सकती है।
- अधूरा गर्भपात (इनकम्प्लीट अबॉर्शन): अधूरे गर्भपात से भविष्य में बाँझपन हो सकता है।
- गंभीर संक्रमण या सेप्सिस: गर्भाशय या रक्त में जीवाणु संक्रमण से गंभीर संक्रमण या सेप्सिस हो सकता है।
क्या भारत में अबॉर्शन पिल्स ऑनलाइन ऑर्डर की जा सकती हैं?
नहीं, बिल्कुल नहीं। अबॉर्शन पिल्स कहीं से भी ऑनलाइन ऑर्डर नहीं की जा सकतीं, क्योंकि भारत में यह प्रतिबंधित और दंडनीय है। इसके अलावा, अनधिकृत स्रोतों से ली गई अबॉर्शन पिल्स जानलेवा हो सकती हैं और गंभीर चिकित्सकीय जटिलताएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
असुरक्षित गर्भपात के परिणाम क्या हैं?
असुरक्षित गर्भपात उन देशों में सबसे अधिक होता है जहाँ गर्भपात प्रतिबंधित है या केवल अत्यंत सीमित परिस्थितियों में ही अनुमत है। ऐसे देशों में महिलाएँ स्वयं दवा लेती हैं या झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाती हैं, जिससे जानलेवा जटिलताएँ उत्पन्न होती हैं। असुरक्षित गर्भपात से होने वाली जटिलताएँ सभी मातृ मृत्यु के 13% का कारण हैं। हर साल 47,000 महिलाओं की असुरक्षित गर्भपात के बाद मृत्यु हो जाती है। अनुमानतः 50 लाख (5 मिलियन) महिलाओं को रक्तस्राव, संक्रमण, बाँझपन, एनीमिया और असाध्य जैसी गंभीर जटिलताओं के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।
मेडिकल अबॉर्शन पिल्स / एमटीपी / मिसोप्रोस्टोल के लिए डॉ. रुपाली अबॉर्शन अस्पताल ही क्यों चुनें?
- चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए अनुरोध करने पर महिला डॉक्टरों द्वारा ऑनलाइन वीडियो परामर्श उपलब्ध है।
- प्रतीक्षा का कोई समय नहीं, उसी दिन डिस्चार्ज, और मरीज़ 1 से 2 घंटे बाद उसी दिन वापस जा सकती है।
- महिला की पसंद का पूरा सम्मान किया जाता है, क्योंकि केवल उसकी सहमति आवश्यक है और पति / पार्टनर / जीवनसाथी की सहमति की आवश्यकता नहीं है।
- एमटीपी अधिनियम की धारा 5ए के अनुसार मरीज़ की 100% निजता और गोपनीयता बनाए रखी जाती है।
- सभी अनुभवी महिला डॉक्टर और प्रशिक्षित स्टाफ, ताकि सभी मरीज़ों की गरिमा बनी रहे।
डॉ. रुपाली अबॉर्शन, नई दिल्ली, भारत में अपॉइंटमेंट के 3 आसान चरण
चरण 1: अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए कॉल करें या व्हाट्सएप नंबर पर संदेश भेजें: +91-8800905938, +91-9911775222। अनुरोध पर महिला डॉक्टर के साथ निजी वीडियो परामर्श उपलब्ध है।
चरण 2: अपनी गर्भावस्था की जानकारी साझा करें, जैसे गर्भावस्था के सप्ताह, अंतिम माहवारी की तारीख (एलएमपी), और अल्ट्रासाउंड स्कैन (यदि करवाया हो)।
चरण 3: अपॉइंटमेंट 30 मिनट के भीतर कन्फर्म हो जाता है।
आसान अपॉइंटमेंट के लिए हेल्पलाइन नंबर, 24×7 और साल के 365 दिन
डॉ. रुपाली अबॉर्शन अस्पताल की समर्पित और निष्ठावान टीम सभी मरीज़ों के लिए 24×7 और साल के 365 दिन कार्य करती है और इन नंबरों पर आसानी से संपर्क किया जा सकता है:
व्हाट्सएप नंबर: +91-8800905938, +91-9911775222
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न [एफएक्यू]
प्रश्न: क्या दिल्ली एनसीआर, भारत में स्थानीय मेडिकल शॉप या दलालों / बिचौलियों / झोलाछाप डॉक्टरों से अबॉर्शन पिल्स लेना सुरक्षित है?
उत्तर: नहीं, अनधिकृत व्यक्तियों से अवैध रूप से अबॉर्शन पिल्स लेना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत असुरक्षित है।
प्रश्न: क्या भारत में अबॉर्शन पिल्स ऑनलाइन ऑर्डर की जा सकती हैं?
उत्तर: नहीं, भारत में अबॉर्शन पिल्स ऑनलाइन ऑर्डर नहीं की जा सकतीं, क्योंकि एमटीपी अधिनियम, 1971 के अनुसार यह प्रतिबंधित और दंडनीय है।
प्रश्न: नई दिल्ली, भारत के डॉ. रुपाली अबॉर्शन अस्पताल में मेडिकल अबॉर्शन पिल्स के लिए कौन से दस्तावेज़ आवश्यक हैं?
उत्तर: मेडिकल अबॉर्शन पिल्स के लिए केवल मरीज़ का आधार कार्ड आवश्यक है।
प्रश्न: क्या भारत आने से पहले मेडिकल अबॉर्शन के लिए डॉ. रुपाली अबॉर्शन अस्पताल में वीडियो परामर्श उपलब्ध है?
उत्तर: हाँ, अनुरोध करने पर उपलब्ध है।
प्रश्न: डॉ. रुपाली अबॉर्शन अस्पताल में वीडियो परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट कैसे लें?
उत्तर: यह बहुत आसान है, बस व्हाट्सएप नंबर +91-9911775222 या +91-8800905938 पर संदेश भेजें। जल्दी ही आपसे संपर्क किया जाएगा।
प्रश्न: मेडिकल अबॉर्शन के लिए ऑनलाइन परामर्श क्यों आवश्यक है?
उत्तर: संपूर्ण चिकित्सकीय मूल्यांकन के लिए और गर्भावस्था के सटीक सप्ताह जानने के लिए।
प्रश्न: गर्भावस्था के कितने सप्ताह तक अबॉर्शन पिल्स उपलब्ध हैं?
उत्तर: मेडिकल अबॉर्शन पिल्स 9 सप्ताह तक दी जा सकती हैं, लेकिन परिणाम व्यक्तिगत होता है और हर मरीज़ में अलग-अलग हो सकता है।
प्रश्न: क्या पिल मेथड उसी दिन दी जा सकती है?
उत्तर: हाँ, इसमें केवल 1 से 2 घंटे लगते हैं।
प्रश्न: क्या मेडिकल अबॉर्शन पिल्स लेने के बाद मैं उसी दिन वापस जा सकती हूँ?
उत्तर: हाँ, आप उसी दिन वापस जा सकती हैं।
प्रश्न: क्या मैं मेडिकल अबॉर्शन पिल्स के लिए डॉ. रुपाली अबॉर्शन अस्पताल, नई दिल्ली अकेली आ सकती हूँ?
उत्तर: हाँ, आप सुरक्षित मेडिकल अबॉर्शन पिल्स के लिए डॉ. रुपाली अबॉर्शन अस्पताल, नई दिल्ली अकेली आ सकती हैं।
प्रश्न: क्या पिल मेथड दर्दनाक है?
उत्तर: हाँ, पिल मेथड में थोड़ा दर्द होता है, और दर्द व्यक्तिगत होता है तथा हर मरीज़ में अलग-अलग हो सकता है।
प्रश्न: क्या पिल मेथड से अधिक रक्तस्राव होता है?
उत्तर: हाँ, कभी-कभी इससे अधिक रक्तस्राव होता है, इसलिए इसे सरकार द्वारा पंजीकृत अबॉर्शन अस्पताल से योग्य डॉक्टरों के माध्यम से ही लेना चाहिए।
प्रश्न: मेडिकल अबॉर्शन पिल्स के बाद अगला मासिक धर्म चक्र कब फिर से शुरू होगा?
उत्तर: सफल मेडिकल अबॉर्शन पिल्स के 6 से 8 सप्ताह बाद सामान्य मासिक धर्म चक्र फिर से शुरू हो जाताहै।
स्रोत और संदर्भ
[1] चिकित्सकीय गर्भ समापन अधिनियम, 1971 (The Medical Termination of Pregnancy Act, 1971): https://www.scobserver.in/wp-content/uploads/2020/11/The-MedicalTermination-of-Pregnancy-Act-1971.pdf
[2] चिकित्सकीय गर्भ समापन (संशोधन) अधिनियम, 2021 (Medical Termination of Pregnancy (Amendment) Act, 2021): https://prsindia.org/files/bills_acts/acts_parliament/2021/Medical%20Termination%20of%20Pregnancy%20Amendment%20Act%202021.pdf
[3] एक्स बनाम प्रधान सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, भारत का सर्वोच्च न्यायालय, 29 सितंबर 2022 (X v. Principal Secretary, Health & Family Welfare Department, Supreme Court of India): https://drive.google.com/file/d/1pnpqo_bZWqreFNYJ0AF4nknLGWwtHiWa/view?usp=drive_link